INDIA गठबंधन ने खोला मोर्चा, दिल्ली की तर्ज पर छत्तीसगढ़ में होगा ‘लोकतंत्र बचाओ’ अभियान,
रायपुर में INDIA गठबंधन ने खोला मोर्चा, दिल्ली की तर्ज पर छत्तीसगढ़ में होगा ‘लोकतंत्र बचाओ’ अभियान,
रायपुर छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। 2028 के विधानसभा चुनाव से पहले विपक्ष ने अभी से कमर कस ली है। राजधानी रायपुर में INDIA गठबंधन की एक बड़ी और अहम बैठक हुई, जिसमें प्रदेश के सभी प्रमुख विपक्षी दलों ने एक मंच पर आकर भाजपा और चुनाव आयोग के खिलाफ साझा लड़ाई का ऐलान कर दिया।
यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में INDIA गठबंधन लोकतंत्र बचाओ अभियान को लेकर लगातार धरना-प्रदर्शन कर रहा है। अब उसी की तर्ज पर छत्तीसगढ़ में भी बड़ा आंदोलन शुरू करने की रणनीति बनाई गई है।
कौन-कौन रहा बैठक में मौजूद?
रायपुर में हुई इस बैठक में कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI), मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी CPI(M), भाकपा माले CPI(ML), समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता शामिल हुए। इसके अलावा सिविल सोसाइटी, छात्र संगठन और अधिवक्ता समूहों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी ने इस बैठक को सिर्फ राजनीतिक दलों तक सीमित न रखकर एक जन-आंदोलन का रूप देने की कोशिश की है।
7 बड़े मुद्दों पर बनी सहमति, दिवाली बाद सड़कों पर उतरेगा विपक्ष,
बैठक में 7 अहम सवालों पर लंबी चर्चा हुई और हर मुद्दे पर साझा रणनीति तय की गई।
साझा आंदोलन पर मुहर सभी दलों ने तय किया है कि अब अलग-अलग बैनर से नहीं, बल्कि INDIA गठबंधन के एक ही बैनर तले सड़कों पर उतरा जाएगा। दिवाली के बाद नवंबर के पहले हफ्ते से प्रदेशव्यापी आंदोलन की शुरुआत होगी।
वोटर लिस्ट में गड़बड़ी पर हमला विपक्ष ने SIR यानी Special Intensive Revision के नाम पर वोटर लिस्ट में बड़े पैमाने पर नाम काटे और जोड़े जाने का गंभीर आरोप लगाया है। गठबंधन का कहना है कि यह वोट चोरी की तैयारी है। अब छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में वोटर लिस्ट की स्वतंत्र जांच और ऑडिट की मांग की जाएगी।
चुनाव आयोग और CEC पर निशाना राष्ट्रीय स्तर पर INDIA गठबंधन मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने और बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग कर रहा है। अब छत्तीसगढ़ में भी यही मांग स्थानीय स्तर पर प्रमुख राजनीतिक मुद्दा बनेगी। इसे लेकर जिला मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन और ज्ञापन का दौर चलेगा।

न्यूनतम साझा कार्यक्रम तय कांग्रेस, वामदल और समाजवादी पार्टी की विचारधारा भले अलग हो, लेकिन तीन मुद्दों पर सभी एकमत हैं – लोकतंत्र बचाओ, संविधान बचाओ और वोट चोरी रोको। साथ ही बैलेट पेपर से चुनाव की मांग ही छत्तीसगढ़ में गठबंधन का न्यूनतम साझा कार्यक्रम होगा।
डबल इंजन पर डबल हमला यह आंदोलन सिर्फ केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ नहीं होगा। बैठक में तय हुआ कि छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार को भी घेरा जाएगा। बेरोजगारी, किसानों की बदहाली, धान खरीदी, और बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर साझा आंदोलन किया जाएगा।
सिविल सोसाइटी को जोड़ने की प्लानिंग INDIA गठबंधन इसे केवल दलों का गठबंधन नहीं बनाना चाहता। युवाओं, छात्रों, वकीलों, मजदूर संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को भी लोकतंत्र बचाओ अभियान से जोड़ा जाएगा ताकि यह एक जन आंदोलन बन सके।
समन्वय समिति का गठन बैठक का सबसे बड़ा फैसला यह रहा कि छत्तीसगढ़ में INDIA गठबंधन की एक औपचारिक समन्वय समिति बनाई जाएगी। हर महीने इसकी बैठक होगी। हालांकि अभी फोकस आंदोलन पर है, लेकिन भविष्य में चुनावी तालमेल और सीट शेयरिंग पर भी बातचीत का रास्ता खुला रखा गया है।
कुल मिलाकर रायपुर की इस बैठक ने साफ कर दिया है कि छत्तीसगढ़ में विपक्ष अब रक्षात्मक नहीं, बल्कि आक्रामक राजनीति के मूड में है।

