ग्रेड पे और वेतनमान को लेकर गरजे नर्सिंगकर्

जगदलपुर, कांकेर और राजनांदगांव में नर्सिंग ऑफिसर्स का 2 घंटे सांकेतिक विरोध प्रदर्शन,

रायपुर/बस्तर।* छत्तीसगढ़ में नर्सिंग संवर्ग की नाराजगी अब सड़कों पर दिखने लगी है। राज्य के तीन बड़े मेडिकल कॉलेज – जगदलपुर, कांकेर और राजनांदगांव में नर्सिंग ऑफिसर्स एसोसिएशन छत्तीसगढ़ के बैनर तले नर्सिंग स्टाफ ने आज चिकित्सालय परिसर में 2 घंटे का सांकेतिक विरोध प्रदर्शन किया।

संघ लंबे समय से ग्रेड पे और वेतनमान में संशोधन की मांग कर रहा है। कई बार शासन-प्रशासन को ज्ञापन सौंपने के बाद भी मांग पूरी नहीं होने से नर्सिंग अधिकारियों में आक्रोश है। इसी के चलते आज तीनों मेडिकल कॉलेजों में एक साथ प्रदर्शन किया गया।

क्या है मुख्य मांग?

नर्सिंग ऑफिसर्स एसोसिएशन का कहना है कि वर्तमान में उन्हें जो ग्रेड पे और वेतनमान दिया जा रहा है, वह उनके कार्य, योग्यता और जिम्मेदारियों के अनुरूप नहीं है। कोविड काल से लेकर अब तक नर्सिंग स्टाफ ने फ्रंटलाइन पर काम किया है, लेकिन वेतन विसंगति आज भी बनी हुई है। संघ की मांग है कि नर्सिंग ऑफिसर्स को केंद्र के समान ग्रेड पे और सम्मानजनक वेतनमान दिया जाए।

आंदोलन का अगला चरण घोषित

एसोसिएशन ने आंदोलन को और तेज करने का ऐलान किया है। संघ के प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि –

7 अक्टूबर को भी इन तीनों मेडिकल कॉलेजों में फिर से सांकेतिक विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।

8 अक्टूबर 2026, गुरुवार को दोपहर 1 बजे से 2 बजे तक* जगदलपुर, कांकेर और राजनांदगांव में नर्सिंग ऑफिसर्स द्वारा स्कूटी रैली निकाली जाएगी। रैली के बाद मुख्यमंत्री के नाम का ज्ञापन कलेक्टर को सौंपा जाएगा।

अगर इसके बाद भी शासन ने मांगों पर ध्यान नहीं दिया, तो 18 नवंबर से प्रदेश स्तरीय अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू किया जाएगा, जिसमें प्रदेश भर के सभी मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पतालों के नर्सिंग ऑफिसर शामिल होंगे।

मरीजों की सेवा प्रभावित नहीं,

एसोसिएशन ने स्पष्ट किया है कि सांकेतिक प्रदर्शन के दौरान इमरजेंसी सेवाएं और मरीजों की देखभाल प्रभावित नहीं होने दी गई। प्रदर्शन ड्यूटी आवर्स के बाद या शिफ्ट मैनेज करके चिकित्सालय परिसर में किया गया, ताकि मरीजों को किसी तरह की परेशानी न हो।

बहरहाल, चुनावी साल से पहले नर्सिंग संवर्ग का यह विरोध सरकार के लिए नई चुनौती बन सकता है। तीन बड़े मेडिकल कॉलेजों में एक साथ प्रदर्शन से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है।